Forecast Alert Today 2026:फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में देशभर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने ताज़ा पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। यह अलर्ट 25 से 29 फरवरी के बीच अधिक प्रभावी रह सकता है।
उत्तर और मध्य भारत में बढ़ेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम अस्थिर रहने के संकेत हैं। तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे एक बार फिर ठंड बढ़ने की संभावना है। सुबह और रात के समय ठिठुरन ज्यादा महसूस हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष चेतावनी
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की आशंका जताई गई है। तेज हिमपात के कारण सड़क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना आवश्यक होगा।
किसानों और आम नागरिकों पर प्रभाव
फरवरी का अंतिम सप्ताह रबी फसलों के लिए महत्वपूर्ण समय होता है। गेहूं, सरसों और चने की फसलें पकने की अवस्था में रहती हैं। ऐसे में ओलावृष्टि और तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसानों को मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने और आवश्यक सावधानी अपनाने की सलाह दी गई है।
शहरी क्षेत्रों में भी तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, घर की ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की तैयारी और सावधानी
संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन सतर्क हो गया है। आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रखा जा रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जा रही है। नागरिकों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर ध्यान देने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।
‘मोंथा’ तूफान और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में मौसम को अस्थिर बना सकता है। भारी बारिश, तेज हवाएं और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। सही जानकारी और समय पर सावधानी से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मौसम से संबंधित अंतिम और सटीक जानकारी के लिए कृपया भारतीय मौसम विज्ञान विभाग या संबंधित राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट और अधिसूचनाएं अवश्य देखें।